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कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया था । इसके बाद 10-11 अगस्त को मैदान और मंच पर कथित ‘शुद्धि करण’ हवन व गंगाजल छिड़काव किए जाने पर खड़गे ने संसद में कड़ी नाराजगी जताई और इसे दलित समाज व सामाजिक समानता के खिलाफ संकीर्ण मानसिकता बताया ।
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ कथित भेदभाव के मामले की जांच कराई जाएगी ।
जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा “यह बेहद दुखद घटना है । सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं बल्कि हम सभी के लिए. बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती । हम इसकी जांच करेंगे और मैं इस घटना की निंदा करता हूं ।”
उन्होंने कहा “जो बात कही गई है । उसके मुझे दुख है.हमने बार-बार कहा है कि गलत हुआ है । लेकिन बार-बार कहा जा रहा है तुम ऐसा करते हो । हम ये कह रहे हैं इसे सनसनीखेज न बनाया जाए । इसका राजनीतिकरण न हो । जब हम आपकी संवेदना का सम्मान करते हैं तो मेरा भी कहना है कि आप इसका राजनीतिकरण नहीं कीजिए ये चिंता का विषय है ।”
यह बयान उत्तराखंड के हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है ।
हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ हवन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कड़ी नाराजगी जताई थी । उन्होंने कहा था कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहते, लेकिन जिस तरह उनके कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ किया गया, वह उनके लिए अपमानजनक है ।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा “मैं इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहता । मैं इस सदन में कई सालों से हूं । मैं अनुसूचित जाति से आता हूं और दलित हूं । ये बोल कर मैंने आज तक किसी के सामने यह नहीं कहा कि मेरी मदद करो या मेरी रक्षा करो मुझमें लड़ने की ताकत है और मैं लड़ता भी हूं । लेकिन आप मुझे अछूत की तरह मानकर, शुद्धिकरण करते हैं और मेरा अपमान करते हैं ।”
