नई दिल्ली । प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नक्सलवाद ने लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह किया और कई परिवारों के सपनों को चकनाचूर किया । मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में नक्सलवाद और माओवाद को देश के सामने दशकों पुरानी चुनौती बताते हुए इसे ख़त्म करने की प्रतिबद्धता दोहराई । उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह किया और कई परिवारों के सपनों को चकनाचूर किया ।

पीएम मोदी ने कहा “नक्सलवाद ने चार दशकों तक देश के बड़े हिस्से और बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबाकर रखा और संविधान की धज्जियां उड़ाईं । नक्सल हिंसा के खिलाफ लड़ाई में 3,500 से अधिक पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए ।” उन्होंने कहा कि यह संख्या युद्ध में मारे जाने वाले जवानों से ज़्यादा है । प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में सरकार बनने के बाद ही उनकी सरकार ने देश को नक्सल मुक्त करने का संकल्प लिया था । उन्होंने दावा किया कि अब नक्सल और माओवादी हिंसा अपनी आखिरी सांसें गिन रही है । उन्होंने कहा कि जिन इलाकों को नक्सलवाद ने दशकों तक प्रभावित किया, वहां अब नक्सलवाद से मुक्ति के बाद “विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा” लहरा रहा है ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा “सालों तक माओवादी विचार धारा वाले लोगों ने सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बना ली थी और सरकारी समितियों में सलाहकार के तौर पर नीति-निर्धारण को भी प्रभावित किया । हमने जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का सफाया करने और देश को उस गंभीर ख़तरे से मुक्त कराने में सफलता हासिल की है ।”
उन्होंने आगे कहा “हथियारी नक्सल तो गए लेकिन ये दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं ।”
उन्होंने कहा “हमें इन दिमागी नक्सलियों की पहचान करनी होगी और उन्हें अलग-थलग करना होगा ।”
