नई दिल्ली । योग गुरु रामदेव ने कहा है कि आंदोलन में बच्चों को नहीं धकेलना चाहिए । उनका कहना है कि बच्चे आंदोलन करेंगे तो पढ़ेंगे कब ।
रामदेव ने रविवार को कहा कि वो शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करते हैं, लेकिन अराजक आंदोलन का नहीं ।
रामदेव ने मीडिया से बातचीत कहा “देश के बचपन ख़तरे में हैं इसलिए इस समय देश का सबसे बड़ा मुद्दा यही है कुछ लोग बचपन का इस्तेमाल आंदोलन में कर रहे हैं ।”
उन्होंने कहा “यदि देश का बच्चा प्राइमरी स्कूल में पढ़ रहा है और आप उसको आंदोलन में धकेल देंगे,तो बच्चा पढ़ेगा कब । उसको पता ही नहीं कि आंदोलन क्या होता है । लेकिन आपने उसको आंदोलन में धकेल दिया कि जाओ तुम भी थाने का घेराव करो,सड़कों पर उतर जाओ,डीएम-एडीएम का घेराव करो. छोटे बच्चों को आंदोलन में नहीं धकेलना चाहिए, ऐसा पूरी दुनिया में कहीं नहीं होता ।” “देश में अराजक आंदोलन तो नहीं होना चाहिए,लेकिन संवैधानिक, लोकतांत्रिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित आंदोलन होने चाहिए आंदोलन के नाम पर अराजकता नहीं होनी चाहिए । देश की शिक्षा और चिकित्सा को लेकर गहरे प्रश्न हैं, उनका समाधान होना चाहिए ।”
रामदेव ने कहा “यह किसी एक व्यक्ति के सामर्थ्य की बात नहीं है कि वो देश की व्यवस्था बदल सके । इसके लिए तीन स्तर पर जागरूकता चाहिए । सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर की जागरूकता चाहिए ।”
उन्होंने दोहराया “मैं अराजक आंदोलन का समर्थक नहीं हूं । लेकिन शांतिपूर्ण आंदोलन से तो देश को आज़ादी मिली ।”
इससे पहले रामदेव ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश में शिक्षा और नौकरी से जुड़ी दिक़्कतों पर नाराज़गी ज़ाहिर की थी । उन्होंने कहा था कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 90 से 99% तक घोटाला होता है ।
