भारतीय डॉक्यूमेंट्री ”राइटिंग विद फायर” को ऑस्कर की बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फ़ीचर कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला है ।
एकेडमी अवॉर्ड्स के 94वें एडिशन में अपनी जगह बनाने वाली इस डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म को रिंटू थॉमस और सुष्मित घोष ने डायरेक्ट किया है । दोनों की ही ये डेब्यू फ़िल्म थी ।
True story – your Documentary Feature nominees are… #Oscar pic.twitter.com/wCvJ0Ao6Jr
— The Academy (@TheAcademy) February 8, 2022
सुष्मित घोष ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, “हम बहुत खुश हैं । ये हमारे लिए और भारतीय सिनेमा के लिए बहुत बड़ा क्षण है । ये फ़िल्म बेख़ौफ दलित महिलाओं की है जो शक्तिशाली होने के मतलब को फ़िर से परिभाषित कर रही हैं ।”
इस डॉक्यूमेंट्री में ख़बर लहरिया अख़बार के उदय की कहानी है, ये पहला ऐसा अख़बार है जिसे दलित महिलाएं चलाती हैं । इसमें काम करने वाली सभी महिलाएँ हैं और वे दलित, आदिवासी औऱ मुस्लिम वर्ग से आती हैं ।
साल 2002 में चित्रकूट में शुरू हुए आठ पन्ने के अख़बार ख़बर लहरिया में महिला रिपोर्टर कहानी सुनाती हैं बदलते समाज की, समाज में फैले भ्रष्टाचार की, पूरे नहीं हुए सरकारी वादों की, ग़रीबों की और महिलाओं की ।
ये अख़बार पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल कर चुका है और अब इसकी कहानी ऑस्कर हासिल करने की दौड़ में शामिल हो गई है ।
