……..हे जनमानस रोको कदम अब
ये हो रही प्रलय की तैयारी है
ये चल रहा द्वंद ऐसा है जो,
विश्व युद्ध से भी भारी है
कितनों के सपनों संग अपने चले गए
जिन हाथों में थी दौलत शौहरत संबल
वो भी इस क्रूर काल कोरोना में छले गए
हे जनमानस रोको कदम ये अर्ज हमारी है
ये चल रहा द्वंद ऐसा है जो
विश्व युद्ध से भी भारी है ।
…….शत्रु बन के आया है ये अदृश्य
विनास है जिसका लक्ष्य
कर न तू भूल तनिक भी न फिसल
राहें बनी शूल घर से तू न निकल ।
आप सभी जानते है कि इस महामारी में बचाव ही मात्र एक उपाय है आप सभी से अनुरोध है कि आप सभी घर मे रहें सुरक्षित रहें तथा सतर्क रहें । आप सभी संतुलित व्यवहार करें एक दूसरे के साथ न रहकर भी सभी का साथ देना है
घर पर रहे सुरक्षित रहे मास्क और सेनिटाइजर का उपयोग करते रहें ।
धन्यवाद
आनन्द प्रकाश तिवारी
(युवा कवि व पत्रकार)
साहित्य के क्षेत्र में गाँधी शांति सम्मान से सम्मानित
