बाड़मेर (राजस्थान) । बाड़मेर गवर्नमेंट हॉस्पिटल में 4 बच्चों की मां ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया । परिजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया ।
बेटे का कहना है कि मौत के एक घंटे डॉक्टर व नर्सिंग कर्मी गुमराह करते रहे । बेटे का कहना है कि करीब 10 बजे मां को इंजेक्शन लगाया । इसके बाद वह बेहोश हो गई । उन्हें सांस में दिक्कत हो गई । नर्सिंग कर्मियों के सामने मिन्नतें की । डेढ़ घंटे बाद ड्रीप लगाई, लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ा । फिर उन्हें एक इंजेक्शन और लगाया । इसके बाद तबीयत ज्यादा खराब हो गई । कुछ देर बाद ऑक्सीजन लगाई। जिसके कुछ ही समय में मां की मौत हो गई । डॉक्टर इसके बाद उन्हें ओटी में लेकर गए ।
वहीं मामले में पीएमओ का कहना है कि मोलर प्रेग्रेंसी पेशेंट महिला थी,डीएनसी की तैयारी कर रहे थे । लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ गई । डॉक्टरों ने बचाने का काफी प्रयास किया,लेकिन वह बच नहीं पाई। सभी आरोप निराधार है ।
जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस हॉस्पिटल पहुंची । परिजनों को समझाइश कर शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया । वहीं परिजनों व समाज के लोग वहीं धरने पर बैठ गए ।
इस दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, एएसपी जसाराम बोस, एसडीएम वीरमाराम, पीएमओ बीएल मंसूरिया भी पहुंचे ।
मृतका दरिया कंवर (फाइल फोटो)
मोलर प्रेग्नेंसी बीमारी से ग्रसित थी महिला, इलाज के लिए लाए थे ।
परिजनों के अनुसार- बाड़मेर मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल में चौहटन गोहड़ का तला निवासी दरिया कंवर (50) पत्नी किशन सिंह मोलर प्रेग्नेंसी बीमारी से ग्रसित थी । अगस्त माह के फर्स्ट वीक में बाड़मेर हॉस्पिटल में डीएनसी करवाई थी । इसके बाद उसे छुट्टी दे दी गई थी । शुक्रवार को फिर से हॉस्पिटल लेकर आए । वहां पर चैक करवाने पर डॉक्टर खेताराम ने उन्हे भर्ती कर दिया ।
शनिवार को सुबह डॉक्टरों ने डीएनसी करने के लिए कहा । डॉक्टरों ने इंजेक्शन और ड्रीप लगाई । अचानक तबीयत बिगड़ गई । करीब डेढ़ घंटे बाद महिला की मौत हो गई ।
छुट्टी दे दी थी, फिर पेट दर्द होने पर वापस एडमिट करवाया
मृतका के बेटे नखत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा- अगस्त माह में डॉक्टर खेताराम सोनी के पास लेकर आया । तब उन्होंने एडमिट कर डीएनसी करने को कहा । एक दिन भर्ती करके डीएनसी कर दवाई दी और दूसरे दिन छुट्टी दे दी कल पेट दर्द होने पर वापस लेकर आया,तब डॉक्टर खेताराम ने फिर से भर्ती कर दिया । उन्होंने कहा कि पहले डीएनसी सही ढंग से नहीं हुई है । अब मैं यहीं हूं डीएनसी कर दूंगा ।
कल सारी जांच करवाई और शाम को एडमिट करवाया । मैंने डॉक्टर को यह भी कहा कि अगर ज्यादा दिक्कत है तो मैं जोधपुर एम्स में दिखा देता हूं । लेकिन उन्होंने कहा कि मैं कर दूंगा । इसके बाद मां की इलाज के दौरान मौत हो गई ।
बेटा बोला- 4 डाॅक्टर बहलाने के लिए भी आए
बेटे नखत ने कहा- डेथ होने के बाद मुझे बहलाने और फुसलाने के लिए डॉक्टर खेताराम, कमला मेडम, ओटी वाले सभी लोग आए । जिससे कोई आवाज नहीं उठा सके ।
बेटे ने कहा कि बाड़मेर हॉस्पिटल में एक अनाथ नहीं हुआ, इससे पहले भी कई अनाथ हुए है । लापरवाही डॉक्टरों की है । मैं कड़ी से कड़ी कार्रवाई चाहता हूं । मामले में आक्रोशित परिजन व समाज के लोग मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए । परिजन लापरवाह डॉक्टर व नर्सिगकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है ।
पीएमओ ने कहा- बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बच पाई
पीएमओ डॉ. बी.एल. मंसूरिया ने बताया- एक मोलर प्रेग्नेंसी से पीड़ित 50 साल की महिला को कल भर्ती किया था । रात को घर पर चले गए थे । सुबह 9 बजे वापस आए थे । सफाई करने की कंसल्ट ली गई । सफाई करने की तैयारी कर ही रहे थे । तभी अचानक मरीज की तबीयत बिगड़ गई । सुबह का समय था राउंड चल रहा था । डॉक्टर उस वार्ड में थे उन्होंने बहुत सारी कोशिश की लेकिन रिवाइज नहीं होने पर ओटी शिफ्ट करके मरीज को इंट्रोगेंट किया । लेकिन इसके बावजूद भी रिवाइज्ड नहीं होने से पेशेंट की डेथ हो गई ।
उन्होंने कहा- परिजनों के आरोप गलत है कि डॉक्टर राउंड पर चल रहे थे । नॉर्मल एंटीबायोटिक बच्चेदानी का मुंह खोलने के लिए लगाते है। दूसरा कोई इंजेक्शन भी नहीं लगाया । परिजनों से कंस्लेट लेकर डीएनसी कर रहे थे । बेसिकली जो प्रॉब्लम थी मोलर प्रेग्नेंसी थी । जिसमें कभी कभार इस तरह होने की संभावना रहती है ।
मॉर्निग का समय था, वहां पर डॉक्टर पवन धारीवाल, फिजिशयन डॉक्टर, रेजिडेंट डॉक्टर भी थे । एक माह पहले डीएनसी करवाई थी, इस बार बायोप्सी के लिए भेजना था । पीएमओ ने कहा कि पेशेंट को गुमराह करने का सवाल पैदा नहीं होते है । डॉक्टर व नर्सिगकर्मियों ने ओटी के अंदर काफी प्रयास किए है । फिर भी वह रिकवर नहीं हो पाई ।
