नई दिल्ली । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है ।
उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इस मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में कहा “यह एक तथ्य है जिसका प्रमाण देने की ज़रूरत नहीं है इसके साथ ही मैं यह भी स्पष्ट कर दूं कि कोई भी चीज़ इस निर्विवाद वास्तविकता को बदल नहीं सकती ।”
उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा “भारत और चीन के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मामलों में हमने हमेशा चीन के साथ चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया है कि हम इन मुद्दों को बेहद गंभीर मानते हैं और इन क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है ।”
रणधीर जायसवाल ने कहा “हमने यह भी स्पष्ट किया है कि सीमा मामलों की स्थिति, हमारे व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति को दर्शाएगी । इस बात को 6 अगस्त 2026 को आयोजित भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र’ (डब्लूएमसीसी) की 36वीं बैठक में भी दोहराया गया ।”
इससे पहले चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश की कुछ जगहों के नाम बार-बार बदले जाने के बीच भारत ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक मानचित्र पर अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं के मानक नाम दर्ज किए ।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ एक आधिकारिक बयान में कहा गया “अरुणाचल प्रदेश के सर्वे ऑफ इंडिया के मानचित्र पर इन नामों को औपचारिक रूप से दर्ज करने का मक़सद इनकी सही पहचान सुनिश्चित करना और आम लोगों में इनके बारे में जागरूकता बढ़ाना है ।” अरुणाचल प्रदेश की जगहों के नाम बदलने की चीन की कार्रवाई को भारत ने हमेशा स्पष्ट रूप से ख़ारिज किया है भारत ने ऐसी कोशिशों को हमेशा “व्यर्थ और बेतुका” बताया है । भारत ने लगातार कहा है कि इस तरह के कदम इस “अटल” सच्चाई को नहीं बदल सकते कि अरुणाचल प्रदेश “हमेशा भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा ।
