नई दिल्ली । नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने जून 2026 की यूजीसी-नेट की तीन विषयों की परीक्षा रद्द कर दी है । यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फेलोशिप,असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी ।
एनटीए ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया “तीन विषयों,अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के संबंध में एनटीए को इनके प्रश्नपत्रों में कई त्रुटियों को लेकर शिकायतें मिली थीं । इसके बाद इन त्रुटियों की जांच और समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया ।”
एनटीए ने बताया कि समिति ने पाया कि इन तीनों प्रश्नपत्रों में कई तथ्यात्मक,टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गड़बड़ियाँ थीं ।
इनमें प्रमुख विद्वानों के नामों की ग़लत वर्तनी, पुस्तकों के शीर्षकों में गड़बड़ी,प्रश्नों की भाषा में त्रुटियां, व्याकरण संबंधी ग़लतियां, लिंग और वचन के बीच सामंजस्य की गलतियां, विराम चिह्नों की गलतियां और पहले से स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक गढ़े गए शब्द शामिल थे ।
एनटीए के मुताबिक़,इसके अलावा पहले पूछे जा चुके प्रश्नों को बड़ी संख्या में दोहराया गया था । समिति ने सिफारिश की कि निष्पक्ष और दोष-मुक्त परीक्षा आयोजित करने के हित में इन तीनों प्रश्नपत्रों की दोबारा परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए ।
इसलिए अब अंग्रेजी,कॉमर्स और समाजशास्त्र के तीनों प्रश्नपत्रों की दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी ।
यह परीक्षा निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी- अंग्रेज़ी और कॉमर्स की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर 2026 को जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी ।
एनटीए ने बताया है कि शहर परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से जुड़ी अन्य जानकारी की सूचना आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से दी जाएगी । जुलाई महीने में जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन के पीछे एनटीए के संचालन में होनी वाली नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होना ही सबसे बड़ी वजह बनी थी । इससे पहले भी एनटीए से संचालन में होने वाली परीक्षाओं में गड़बड़ियों की वजह से परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है ।
