फतेहपुर । सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर का 409वां प्रकाश पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया । गुरुद्वारे में सबद कीर्तन,अरदास व लंगर का भव्य आयोजन किया गया । ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने बताया अमृतसर में जन्मे गुरु तेग बहादुर गुरु हरगोविन्द जी के पांचवें पुत्र थे । आठवें गुरु हरिकृष्ण राय जी के निधन के बाद इन्हें नौवे गुरु बनाया गया था । इन्होंने आनन्दपुर साहिब का निर्माण कराया और ये वहीं रहने लगे थे । वे बचपन से ही बहादुर,निर्भीक स्वभाव के और आध्यात्मिक रुचि वाले थे । मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ मुगलों के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में उन्होंने अपनी वीरता का परिचय दिया । इस वीरता से प्रभावित होकर उनके पिता ने उनका नाम तेग बहादुर यानी तलवार के धनी रख दिया ।
उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब की तमाम कोशिशों के बावजूद इस्लाम धारण नहीं किया और तमाम जुल्मों का पूरी दृढ़ता से सामना किया । औरंगजेब ने उन्हें इस्लाम कबूल करने को कहा तो गुरु साहब ने कहा शीश कटा सकते हैं केश नहीं । औरंगजेब ने गुरुजी पर अनेक अत्याचार किए । परंतु वे अविचलित रहे । वह लगातार हिन्दुओं,सिखों,कश्मीरी पंडितों और गैर मुस्लिमों का इस्लाम में जबरन धर्मांतरण का विरोध करते रहे । सिखों के नौवे गुरु गुरु तेग बहादुर जी का 401वा प्रकाश पर्व बड़ी से गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा फतेहपुर में मीत प्रधान दर्शन सिंह की अगुवाई में मनाया गया । इस अवसर में गुरुद्वारे सबद कीर्तन,अरदास व लंगर का आयोजन किया गया ।
आज संगत में लाभ सिंह,सतपाल सिंह,परमिंदर सिंह,कुलजीत सिंह सोनू,वरिंदर सिंह पवि,गुरमीत सिंह,सिमरन सिंह,बंटी ,रमन व महिलाओं में जसवीर कौर,हरविन्दर कौर,प्रीतम कौर ,मंजीत कौर,खुशी,सिमरन कौर जसपाल कौर,प्रभजीत कौर, हरमीत कौर आदि भक्तजन उपस्थित रहे ।
